"काला चश्मा सिर्फ स्वैग के लिए नहीं था... बल्कि इसलिए था ताकि दिल्ली के लोग उसे कंकाल नज़र न आएं!" 🕶️💀
जब दिल्ली के एक आम लड़के की तीसरी आँख खुली, तो बाज़ार के लुटेरे कांप गए और श्मशान से काल-छाया जाग उठी! पेश है 'दिव्य-दृष्टि' का दूसरा धमाकेदार एपिसोड!
